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मुझे आज ऐसा सहारा मिला है।
तुम्हारे सहारे किनारा मिला है।।

चली है जरा जोर से ये हवाएँ ,
मुझे खूब तेरा नज़ारा मिला है।।

ख़ुदा की बड़ी नेमतें आज पायी,
मुझे आज देखो सितारा मिला है।।

जिसे ख़ौफ ना हो ख़ुदा का जरा भी,
जहां में वही बेसहारा मिला है।।

खुशी की बड़ी बात देखो हुई है,
चलो 'दीप' को एक तारा मिला है।।
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गजेन्द्र हरिहारनो "दीप" डोंगरगाँव जिला राजनांदगाँव छत्तीसगढ़ 
   सर्वथा मौलिक सृजन
  सादर समीक्षार्थ प्रस्तुत