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      🌹 सरस्वती वंदना 🌹
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विधा -: मनहरण घनाक्षरी छन्द
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माता सरस्वती मुझे,
 प्यार और दुलार दे,
  ममता की छाँव और,
      आशीष हजार दे।

वीणापाणि माँ वाग्देवी,
   हे श्वेत हंसवाहिनी,
    मैया मेरी वाणी को तू ,
      नेह से सँवार दे ।।

संगीत का नाद कर,
  माँ वीणा की झंकार से,
    गीत शुभकर गाऊँ ,
       ऐसा भाव धार दे।

अक्षरों की बातियों में,
  शब्दों की ही जोत जले,
    ' दीप ' को भी माँ शारदे,
           ऐसा उपहार दे।।
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        🙏🙏🙏🙏
गजेन्द्र हरिहारनो "दीप"डोंगरगाँव जिला राजनांदगाँव (छत्तीसगढ़ )
    सर्वथा मौलिक सृजन